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उदयपुर, राजस्थान

शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 - 6:41 AM के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, Asia/Kolkata की घड़ी पर।

आज का राहु काल

आज का राहु काल

10:54 AM – 12:19 PM

उदयपुर में शुक्रवार

सूर्योदय

6:41 AM

सूर्यास्त

5:57 PM

राहु काल दिन के प्रकाश का आठवाँ भाग है - उदयपुर में सूर्योदय से सूर्यास्त तक का समय, आठ भागों में बँटा - और वार तय करता है कि कौन-सा आठवाँ भाग। परंपरा में इसे नया काम शुरू करने के लिए टाला जाता है; यह साइट बताती है कि यह कब पड़ता है और निर्णय आप पर छोड़ती है।

अगले 7 दिनों का राहु काल

अगले 7 दिनों का राहु काल
तारीखराहु कालसूर्योदयसूर्यास्त
शुक्र, 30 अक्टूबर10:54 AM – 12:19 PM6:41 AM5:57 PM
शनि, 31 अक्टूबर9:30 AM – 10:54 AM6:41 AM5:56 PM
रवि, 1 नवंबर4:31 PM – 5:55 PM6:42 AM5:55 PM
सोम, 2 नवंबर8:07 AM – 9:31 AM6:42 AM5:55 PM
मंगल, 3 नवंबर3:06 PM – 4:30 PM6:43 AM5:54 PM
बुध, 4 नवंबर12:19 PM – 1:42 PM6:44 AM5:53 PM
गुरु, 5 नवंबर1:42 PM – 3:06 PM6:44 AM5:53 PM

आज के दिन का चौघड़िया

दिन का चौघड़िया
चौघड़ियासमयस्वभाव
चल6:41 AM – 8:05 AMमध्यम
लाभ8:05 AM – 9:30 AMअच्छा
अमृत9:30 AM – 10:54 AMउत्तम
काल10:54 AM – 12:19 PMबचें
शुभ12:19 PM – 1:43 PMअच्छा
रोग1:43 PM – 3:08 PMबचें
उद्वेग3:08 PM – 4:32 PMबचें
चल4:32 PM – 5:57 PMमध्यम

उदयपुर में राहु काल के बारे में प्रश्न

आज उदयपुर में राहु काल का समय क्या है?
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को उदयपुर में राहु काल 10:54 AM – 12:19 PM है, सूर्योदय 6:41 AM पर और सूर्यास्त 5:57 PM पर।
राहु काल कैसे निकाला जाता है?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन के प्रकाश को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, और वार तय करता है कि कौन-सा आठवाँ भाग राहु काल है - सोमवार को दूसरा, मंगलवार को सातवाँ, बुधवार को पाँचवाँ, गुरुवार को छठा, शुक्रवार को चौथा, शनिवार को तीसरा और रविवार को आठवाँ। दिन की लंबाई साल भर बदलती है, इसलिए राहु काल की अवधि और उसका घड़ी-समय भी बदलता है।
उदयपुर का समय दूसरे शहर से अलग क्यों है?
यहाँ हर समय उदयपुर के अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाला गया है, और सूर्योदय एक शहर से दूसरे शहर में कुछ मिनट बदल जाता है। किसी दूसरे शहर के लिए, या सुबह 6 बजे से तय दिन के लिए छपी सूची उदयपुर से मेल नहीं खाएगी।
यह गणना कैसे होती है?
सूर्योदय और सूर्यास्त शहर के निर्देशांकों के लिए मानक खगोलीय सूत्र (Meeus, Astronomical Algorithms, अध्याय 15) से आते हैं। तिथि और चंद्रमा का नक्षत्र उसी सूर्योदय पर, लाहिड़ी अयनांश वाले निरयन राशिचक्र पर पढ़े जाते हैं - जैसे छपा हुआ पंचांग दिन की तिथि बताता है।

दूसरे शहरों में राहु काल