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नई दिल्ली, सूर्योदय से

2026 का हर प्रदोष व्रत, नई दिल्ली के लिए: शाम के प्रदोष काल का कितना भाग त्रयोदशी में पड़ता है। दूसरे शहरों में तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

2026 में प्रदोष व्रत की तारीखें

समय भारतीय समय (IST) में हैं। ये इस साइट के गणना-इंजन से हैं और छपे हुए पंचांग से कुछ मिनट अलग हो सकते हैं। तारांकन (*) वाली तारीख का नोट तालिका के नीचे है।

नई दिल्ली में 2026 की प्रदोष व्रत की तारीखें
तारीखप्रदोष काल में त्रयोदशीपक्ष और मासत्रयोदशी शुरूसमाप्त
गुरु, 1 जनवरीगुरु प्रदोष5:35 PM - 8:19 PMशुक्ल पक्ष, पौष1:50 AM, 1 जनवरी10:24 PM, 1 जनवरी
शुक्र, 16 जनवरीशुक्र प्रदोष5:47 PM - 8:29 PMकृष्ण पक्ष, माघ (अमांत में पौष)8:19 PM, 15 जनवरी10:25 PM, 16 जनवरी
शुक्र, 30 जनवरीशुक्र प्रदोष5:59 PM - 8:37 PMशुक्ल पक्ष, माघ11:11 AM, 30 जनवरी8:28 AM, 31 जनवरी
शनि, 14 फ़रवरीशनि प्रदोष6:10 PM - 8:44 PMकृष्ण पक्ष, फाल्गुन (अमांत में माघ)4:05 PM, 14 फ़रवरी5:08 PM, 15 फ़रवरी
रवि, 1 मार्चरवि प्रदोष6:21 PM - 7:12 PMशुक्ल पक्ष, फाल्गुन8:46 PM, 28 फ़रवरी7:12 PM, 1 मार्च
सोम, 16 मार्चसोम प्रदोष6:30 PM - 8:54 PMकृष्ण पक्ष, चैत्र (अमांत में फाल्गुन)9:44 AM, 16 मार्च9:26 AM, 17 मार्च
सोम, 30 मार्चसोम प्रदोष6:38 PM - 8:57 PMशुक्ल पक्ष, चैत्र7:12 AM, 30 मार्च6:59 AM, 31 मार्च
बुध, 15 अप्रैलबुध प्रदोष6:47 PM - 9:01 PMकृष्ण पक्ष, वैशाख (अमांत में चैत्र)12:16 AM, 15 अप्रैल10:34 PM, 15 अप्रैल
मंगल, 28 अप्रैलभौम प्रदोष6:55 PM - 9:04 PMशुक्ल पक्ष, वैशाख6:55 PM, 28 अप्रैल7:55 PM, 29 अप्रैल
गुरु, 14 मईगुरु प्रदोष7:04 PM - 9:09 PMकृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ (अमांत में वैशाख)11:24 AM, 14 मई8:34 AM, 15 मई
गुरु, 28 मईगुरु प्रदोष7:12 PM - 9:15 PMशुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ8:00 AM, 28 मई9:54 AM, 29 मई
शुक्र, 12 जूनशुक्र प्रदोष7:39 PM - 9:20 PMकृष्ण पक्ष, अधिक ज्येष्ठ7:39 PM, 12 जून4:11 PM, 13 जून
शनि, 27 जूनशनि प्रदोष7:23 PM - 9:24 PMशुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ10:25 PM, 26 जून12:47 AM, 28 जून
रवि, 12 जुलाईरवि प्रदोष7:22 PM - 9:24 PMकृष्ण पक्ष, आषाढ़ (अमांत में ज्येष्ठ)2:07 AM, 12 जुलाई10:33 PM, 12 जुलाई
रवि, 26 जुलाईरवि प्रदोष7:16 PM - 9:21 PMशुक्ल पक्ष, आषाढ़2:01 PM, 26 जुलाई4:18 PM, 27 जुलाई
सोम, 10 अगस्तसोम प्रदोष7:05 PM - 9:14 PMकृष्ण पक्ष, श्रावण (अमांत में आषाढ़)8:03 AM, 10 अगस्त4:57 AM, 11 अगस्त
मंगल, 25 अगस्तभौम प्रदोष6:51 PM - 9:04 PMशुक्ल पक्ष, श्रावण6:23 AM, 25 अगस्त8:02 AM, 26 अगस्त
मंगल, 8 सितंबरभौम प्रदोष6:35 PM - 8:52 PMकृष्ण पक्ष, भाद्रपद (अमांत में श्रावण)2:45 PM, 8 सितंबर12:33 PM, 9 सितंबर
गुरु, 24 सितंबरगुरु प्रदोष6:16 PM - 8:39 PMशुक्ल पक्ष, भाद्रपद10:53 PM, 23 सितंबर11:21 PM, 24 सितंबर
गुरु, 8 अक्टूबरगुरु प्रदोष5:59 PM - 8:27 PMकृष्ण पक्ष, आश्विन (अमांत में भाद्रपद)11:19 PM, 7 अक्टूबर10:18 PM, 8 अक्टूबर
शुक्र, 23 अक्टूबरशुक्र प्रदोष5:44 PM - 8:17 PMशुक्ल पक्ष, आश्विन2:38 PM, 23 अक्टूबर1:39 PM, 24 अक्टूबर
शुक्र, 6 नवंबरशुक्र प्रदोष5:33 PM - 8:10 PMकृष्ण पक्ष, कार्तिक (अमांत में आश्विन)10:33 AM, 6 नवंबर10:50 AM, 7 नवंबर
रवि, 22 नवंबररवि प्रदोष5:25 PM - 8:06 PMशुक्ल पक्ष, कार्तिक4:59 AM, 22 नवंबर2:39 AM, 23 नवंबर
रवि, 6 दिसंबररवि प्रदोष5:24 PM - 8:07 PMकृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष (अमांत में कार्तिक)12:54 AM, 6 दिसंबर2:24 AM, 7 दिसंबर
सोम, 21 दिसंबरसोम प्रदोष5:38 PM - 8:13 PMशुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष5:38 PM, 21 दिसंबर2:26 PM, 22 दिसंबर

ये तारीखें कैसे निकाली गईं

प्रदोष व्रत उस शाम रखा जाता है जब त्रयोदशी - किसी भी पक्ष की तेरहवीं तिथि - प्रदोष काल का सबसे बड़ा भाग घेरती है: नई दिल्ली में सूर्यास्त के बाद रात का पहला पाँचवाँ भाग, यानी रात के पंद्रह मुहूर्तों में से तीन। प्रदोष का नाम वार से होता है: सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष, शनिवार को शनि प्रदोष।

तिथि वह कोण है जितना चंद्रमा सूर्य से आगे बढ़ चुका है, 12-12 अंश के चरणों में, लाहिड़ी अयनांश वाले निरयन राशिचक्र पर; सूर्योदय और सूर्यास्त नई दिल्ली के निर्देशांकों के हैं। चांद्र मास का नाम उस राशि से होता है जिसमें मास शुरू होते समय सूर्य हो, और 2026 में एक अधिक मास है - ज्येष्ठ, 17 मई से 15 जून तक। इंजन की जाँच कैसे होती है, यह कार्यप्रणाली पृष्ठ बताता है।

2026 में प्रदोष व्रत के बारे में प्रश्न

2026 में कितने प्रदोष व्रत हैं?
25: हर पक्ष में एक, उस शाम जिसमें त्रयोदशी पड़ती है।
प्रदोष काल क्या है?
सूर्यास्त के बाद का संधिकाल: यहाँ, सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात का पहला पाँचवाँ भाग, रात के पंद्रह मुहूर्तों में से तीन। लंबी रातों में यह लंबा होता है - इस सूची में 2 घंटे 1 मिनट (12 जून) से 2 घंटे 44 मिनट (1 जनवरी) तक।
प्रदोष की तारीख कैसे तय होती है?
प्रदोष व्रत उस शाम रखा जाता है जब त्रयोदशी - किसी भी पक्ष की तेरहवीं तिथि - प्रदोष काल का सबसे बड़ा भाग घेरती है: नई दिल्ली में सूर्यास्त के बाद रात का पहला पाँचवाँ भाग, यानी रात के पंद्रह मुहूर्तों में से तीन। प्रदोष का नाम वार से होता है: सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष, शनिवार को शनि प्रदोष।
सोम, भौम और शनि प्रदोष क्या हैं?
प्रदोष का नाम उस वार से होता है जिस दिन वह पड़े: सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष, शनिवार को शनि प्रदोष - और बाकी दिनों रवि, बुध, गुरु और शुक्र प्रदोष। नाम तालिका में दिए गए हैं।
क्या ये तारीखें नई दिल्ली के बाहर भी लागू होती हैं?
ये नई दिल्ली के सूर्योदय और सूर्यास्त के लिए निकाली गई हैं। भारत भर में ज़्यादातर तारीखें यही रहती हैं, पर जहाँ तिथि सूर्योदय या सूर्यास्त के पास बदलती है, वहाँ दूसरा शहर - और ज़्यादा बार विदेश का कोई शहर, अपनी घड़ी पर - व्रत एक दिन पहले या बाद रख सकता है। पंचांग कैलकुलेटर किसी भी तारीख और स्थान की तिथि बताता है।