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नई दिल्ली, सूर्योदय से

2027 का हर प्रदोष व्रत, नई दिल्ली के लिए: शाम के प्रदोष काल का कितना भाग त्रयोदशी में पड़ता है। दूसरे शहरों में तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

2027 में प्रदोष व्रत की तारीखें

समय भारतीय समय (IST) में हैं। ये इस साइट के गणना-इंजन से हैं और छपे हुए पंचांग से कुछ मिनट अलग हो सकते हैं। तारांकन (*) वाली तारीख का नोट तालिका के नीचे है।

नई दिल्ली में 2027 की प्रदोष व्रत की तारीखें
तारीखप्रदोष काल में त्रयोदशीपक्ष और मासत्रयोदशी शुरूसमाप्त
मंगल, 5 जनवरीभौम प्रदोष5:38 PM - 8:22 PMकृष्ण पक्ष, पौष (अमांत में मार्गशीर्ष)6:18 PM, 4 जनवरी8:42 PM, 5 जनवरी
बुध, 20 जनवरीबुध प्रदोष5:50 PM - 8:31 PMशुक्ल पक्ष, पौष4:43 AM, 20 जनवरी1:13 AM, 21 जनवरी
बुध, 3 फ़रवरीबुध प्रदोष6:02 PM - 8:39 PMकृष्ण पक्ष, माघ (अमांत में पौष)1:53 PM, 3 फ़रवरी4:34 PM, 4 फ़रवरी
गुरु, 18 फ़रवरीगुरु प्रदोष6:13 PM - 8:46 PMशुक्ल पक्ष, माघ2:30 PM, 18 फ़रवरी11:16 AM, 19 फ़रवरी
शुक्र, 5 मार्चशुक्र प्रदोष6:23 PM - 8:51 PMकृष्ण पक्ष, फाल्गुन (अमांत में माघ)9:56 AM, 5 मार्च12:06 PM, 6 मार्च
शनि, 20 मार्चशनि प्रदोष6:32 PM - 8:48 PMशुक्ल पक्ष, फाल्गुन11:20 PM, 19 मार्च8:48 PM, 20 मार्च
रवि, 4 अप्रैलरवि प्रदोष6:41 PM - 8:58 PMकृष्ण पक्ष, चैत्र (अमांत में फाल्गुन)4:29 AM, 4 अप्रैल5:25 AM, 5 अप्रैल
रवि, 18 अप्रैलरवि प्रदोष6:48 PM - 9:01 PMशुक्ल पक्ष, चैत्र7:45 AM, 18 अप्रैल6:11 AM, 19 अप्रैल
सोम, 3 मईसोम प्रदोष8:06 PM - 9:06 PMकृष्ण पक्ष, वैशाख (अमांत में चैत्र)8:06 PM, 3 मई7:33 PM, 4 मई
सोम, 17 मईसोम प्रदोष7:06 PM - 9:11 PMशुक्ल पक्ष, वैशाख4:31 PM, 17 मई4:06 PM, 18 मई
बुध, 2 जूनबुध प्रदोष7:15 PM - 9:17 PMकृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ (अमांत में वैशाख)8:31 AM, 2 जून6:36 AM, 3 जून
बुध, 16 जूनबुध प्रदोष7:21 PM - 9:21 PMशुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ2:33 AM, 16 जून3:23 AM, 17 जून
गुरु, 1 जुलाईगुरु प्रदोष7:23 PM - 9:24 PMकृष्ण पक्ष, आषाढ़ (अमांत में ज्येष्ठ)6:17 PM, 1 जुलाई3:26 PM, 2 जुलाई
गुरु, 15 जुलाईगुरु प्रदोष7:21 PM - 9:24 PMशुक्ल पक्ष, आषाढ़2:43 PM, 15 जुलाई4:38 PM, 16 जुलाई
शनि, 31 जुलाईशनि प्रदोष7:13 PM - 9:19 PMकृष्ण पक्ष, श्रावण (अमांत में आषाढ़)2:21 AM, 31 जुलाई11:00 PM, 31 जुलाई
शनि, 14 अगस्तशनि प्रदोष7:02 PM - 9:12 PMशुक्ल पक्ष, श्रावण5:24 AM, 14 अगस्त7:57 AM, 15 अगस्त
रवि, 29 अगस्तरवि प्रदोष6:47 PM - 9:01 PMकृष्ण पक्ष, भाद्रपद (अमांत में श्रावण)9:39 AM, 29 अगस्त6:15 AM, 30 अगस्त
सोम, 13 सितंबरसोम प्रदोष6:29 PM - 8:48 PMशुक्ल पक्ष, भाद्रपद10:15 PM, 12 सितंबर12:42 AM, 14 सितंबर
सोम, 27 सितंबरसोम प्रदोष6:12 PM - 8:36 PMकृष्ण पक्ष, आश्विन (अमांत में भाद्रपद)4:58 PM, 27 सितंबर1:57 PM, 28 सितंबर
मंगल, 12 अक्टूबरभौम प्रदोष5:55 PM - 8:24 PMशुक्ल पक्ष, आश्विन4:16 PM, 12 अक्टूबर5:51 PM, 13 अक्टूबर
बुध, 27 अक्टूबरबुध प्रदोष5:41 PM - 8:14 PMकृष्ण पक्ष, कार्तिक (अमांत में आश्विन)1:06 AM, 27 अक्टूबर10:52 PM, 27 अक्टूबर
गुरु, 11 नवंबरगुरु प्रदोष5:30 PM - 8:08 PMशुक्ल पक्ष, कार्तिक10:09 AM, 11 नवंबर10:24 AM, 12 नवंबर
गुरु, 25 नवंबरगुरु प्रदोष5:25 PM - 8:06 PMकृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष (अमांत में कार्तिक)10:54 AM, 25 नवंबर9:51 AM, 26 नवंबर
शनि, 11 दिसंबरशनि प्रदोष5:25 PM - 8:09 PMशुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष2:56 AM, 11 दिसंबर1:46 AM, 12 दिसंबर
शनि, 25 दिसंबरशनि प्रदोष5:31 PM - 8:15 PMकृष्ण पक्ष, पौष (अमांत में मार्गशीर्ष)11:11 PM, 24 दिसंबर11:34 PM, 25 दिसंबर

ये तारीखें कैसे निकाली गईं

प्रदोष व्रत उस शाम रखा जाता है जब त्रयोदशी - किसी भी पक्ष की तेरहवीं तिथि - प्रदोष काल का सबसे बड़ा भाग घेरती है: नई दिल्ली में सूर्यास्त के बाद रात का पहला पाँचवाँ भाग, यानी रात के पंद्रह मुहूर्तों में से तीन। प्रदोष का नाम वार से होता है: सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष, शनिवार को शनि प्रदोष।

तिथि वह कोण है जितना चंद्रमा सूर्य से आगे बढ़ चुका है, 12-12 अंश के चरणों में, लाहिड़ी अयनांश वाले निरयन राशिचक्र पर; सूर्योदय और सूर्यास्त नई दिल्ली के निर्देशांकों के हैं। चांद्र मास का नाम उस राशि से होता है जिसमें मास शुरू होते समय सूर्य हो। इंजन की जाँच कैसे होती है, यह कार्यप्रणाली पृष्ठ बताता है।

2027 में प्रदोष व्रत के बारे में प्रश्न

2027 में कितने प्रदोष व्रत हैं?
25: हर पक्ष में एक, उस शाम जिसमें त्रयोदशी पड़ती है।
प्रदोष काल क्या है?
सूर्यास्त के बाद का संधिकाल: यहाँ, सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात का पहला पाँचवाँ भाग, रात के पंद्रह मुहूर्तों में से तीन। लंबी रातों में यह लंबा होता है - इस सूची में 2 घंटे 1 मिनट (16 जून) से 2 घंटे 44 मिनट (11 दिसंबर) तक।
प्रदोष की तारीख कैसे तय होती है?
प्रदोष व्रत उस शाम रखा जाता है जब त्रयोदशी - किसी भी पक्ष की तेरहवीं तिथि - प्रदोष काल का सबसे बड़ा भाग घेरती है: नई दिल्ली में सूर्यास्त के बाद रात का पहला पाँचवाँ भाग, यानी रात के पंद्रह मुहूर्तों में से तीन। प्रदोष का नाम वार से होता है: सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष, शनिवार को शनि प्रदोष।
सोम, भौम और शनि प्रदोष क्या हैं?
प्रदोष का नाम उस वार से होता है जिस दिन वह पड़े: सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष, शनिवार को शनि प्रदोष - और बाकी दिनों रवि, बुध, गुरु और शुक्र प्रदोष। नाम तालिका में दिए गए हैं।
क्या ये तारीखें नई दिल्ली के बाहर भी लागू होती हैं?
ये नई दिल्ली के सूर्योदय और सूर्यास्त के लिए निकाली गई हैं। भारत भर में ज़्यादातर तारीखें यही रहती हैं, पर जहाँ तिथि सूर्योदय या सूर्यास्त के पास बदलती है, वहाँ दूसरा शहर - और ज़्यादा बार विदेश का कोई शहर, अपनी घड़ी पर - व्रत एक दिन पहले या बाद रख सकता है। पंचांग कैलकुलेटर किसी भी तारीख और स्थान की तिथि बताता है।